दिल्ली में होगा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2026 का आयोजन

लगभग दस देशों के प्रतिनिधि, राजदूत, शिक्षाविद, और मानवाधिकार विशेषज्ञ होंगे शामिल

नई दिल्ली: राजधानी में 25 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन 2026 का आयोजन होने जा रहा है। एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का आयोजन विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद के तत्वावधान में किया जा रहा है। अधिवेशन में लगभग दस देशों के प्रतिनिधि, राजदूत, न्यायाधीश, नोबेल पुरस्कार एवं पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, ब्यूरोक्रेट्स, अधिवक्ता, शोधकर्ता तथा मानवाधिकार के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रहे विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है।

इस अधिवेशन की मुख्य थीम ‘अधिकार, न्याय, शांति, शोध और जागरूकता’ रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य केवल मानवाधिकारों पर चर्चा तक सीमित न रहकर कानून में दर्ज अधिकारों और समाज में उनकी वास्तविक स्थिति के बीच मौजूद अंतर को समझना और उस पर गंभीर शोध एवं संवाद को आगे बढ़ाना है। इसके माध्यम से संबंधित सरकारी संस्थानों, आयोगों और नीति-निर्माताओं के समक्ष व्यावहारिक सुझाव रखने का प्रयास किया जाएगा।

अधिवेशन के दौरान व्यक्तिगत स्वतंत्रता, नागरिक अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों, न्याय तक पहुंच तथा विश्व के विभिन्न देशों में मानवाधिकारों की मौजूदा स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श होगा। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को अपने-अपने अनुभव, चुनौतियां और सुझाव साझा करने का अवसर मिलेगा। मानवाधिकारों के संरक्षण और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

कार्यक्रम में देश-विदेश के शिक्षाविद और शोधकर्ता अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे। इन शोध-पत्रों के माध्यम से मानवाधिकारों से संबंधित जमीनी परिस्थितियों, मौजूदा चुनौतियों और संभावित समाधान पर तथ्य एवं शोध आधारित विचार सामने रखे जाएंगे। आयोजकों की योजना है कि इन महत्वपूर्ण सुझावों को संबंधित आयोगों और संस्थानों तक पहुंचाया जाए, ताकि मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में भविष्य की नीतियों और प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

अधिवेशन के दौरान मानवाधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यकर्ताओं तथा विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न राज्यों और देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देंगी। इस अवसर पर मानवाधिकारों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किए जाएँगे।

आयोजकों के अनुसार, अधिवेशन में सभी बार काउंसिल, बार एसोसिएशन, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, नागरिकों और मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों को आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य मानवाधिकारों से जुड़े विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां कानून, शोध, पत्रकारिता, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकें।

इच्छुक नागरिक विश्व मानवाधिकार अनुसंधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट WWW.WHRRC.ORG के माध्यम से अपना पंजीकरण कर अधिवेशन में भाग ले सकते हैं। कार्यक्रमलाइव प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे देश और विदेश में मौजूद लोग आयोजन की चर्चाओं और गतिविधियों से जुड़ सकेंगे। आयोजकों का कहना है कि अधिवेशन के माध्यम से मानवाधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने, शोध को प्रोत्साहित करने और अधिकार, न्याय तथा शांति से जुड़े विषयों पर व्यापक संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।